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Wednesday, September 5, 2018

एससी-एसटी एक्ट का विरोध: ग्वालियर-चंबल संभाग के 6 जिलों में धारा 144 लागू; सांसद, मंत्री, विधायकों के कार्यक्रम निरस्त

ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी सांसद, मंत्री और विधायकों ने बुधवार और गुरुवार के तमाम सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं

एससी-एसटी एक्ट का विरोध: ग्वालियर-चंबल संभाग के 6 जिलों में धारा 144 लागू; सांसद, मंत्री, विधायकों के कार्यक्रम निरस्त

ग्वालियर-चंबल। एससी-एसटी एक्ट के विरोध में ग्वालियर-चंबल संभाग में सवर्णों और पिछड़ा वर्ग की नाराजगी के जोर पकड़ने से सांसदों, मंत्रियों और विधायकों में खौफ साफ देखा जा रहा है। आंदोलनकारियों ने इन जनप्रतिनिधियों का घेराव कर उन्हें काले झंडे दिखाने की चेतावनी दे रखी है। ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी सांसद, मंत्री और विधायकों ने बुधवार और गुरुवार के तमाम सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। मंगलवार को भी ये जनप्रतिनिधि सार्वजनिक कार्यक्रमों में नहीं पहुंचे।

उधर प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर 6 सितंबर को विभिन्न संगठनों के बंद के आह्वान के मद्देनजर अंचल के सभी 6 जिलों ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर और दतिया में प्रतिबंधात्मक धारा 144 लागू कर सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर पाबंदी लगा दी है। सरकारी, निजी अस्पताल, शिक्षण संस्थाएं, बैंक आदि इससे मुक्त रहेंगे। मंगलवार को सवर्ण समाज के आह्वान पर ग्वालियर में आयोजित स्वाभिमान सम्मेलन और रैली को संबोधित करते हुए भागवताचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश बदलने पर नेताओं को आड़े हाथों लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो महीने में केंद्र सरकार ने इस समस्या का हल नहीं निकाला तो हम खुद समाधान ढूंढ लेंगे। 


चुनाव अभियान सिमटा, कार्यशाला में नहीं आए केंद्रीय मंत्री तोमर 

ग्वालियर संभाग में कांग्रेस और भाजपा की चुनाव से संबंधित होने वाली रूटीन बैठकें बंद हैं। दोनों ही पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि विरोध के डर से बैठकें निरस्त करने जैसी कोई बात नहीं है। बुधवार को शिक्षक दिवस पर होने वाले सम्मान समारोह में भी संभाग के जिलों में किसी भी मंत्री के शामिल होने की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मंगलवार को ग्वालियर में भाजपा ग्रामीण के नगर,ग्राम पालक संयोजकों की कार्यशाला में शामिल होना था लेकिन वे नहीं आए। 

दुकानों पर चस्पा किए पर्चे, तख्तियां लगाईं, वोट मांगकर शर्मिंदा न करें 

दतिया:सवर्ण समाज के लोगों ने व्यापारियों से संपर्क किया। जिसमें उनसे मांग की गई कि आप छह सितंबर को बाजार बंद रखकर एससी-एक्ट के विरोध में साथ दें। इसके अलावा सेंवढ़ा में व्यापारियों ने अपनी दुकान के आगे विरोध स्वरूप तख्ती लगा ली हैं, जिस पर लिखा गया है कि राजनीतिक पार्टियां वोट मांगकर हमें शर्मिंदा न करें, हम सवर्ण हैं। 

शिवपुरी: गुरुवार को होने वाले बंद को लेकर मंगलवार की शाम को शहर में सपाक्स की ओर से पर्चे चिपकाए गए। दुकानों पर चिपकाए जा रहे पर्चों पर लिखा है कि हम आरक्षण एवं एससी एसटी एक्ट का विरोध करते हैं, कृपया राजनीतिक दल वोट मांगकर हमें शर्मिंदा न करें। 

काले झंडे दिखाने वाले आ रहे हैं सुनते ही डॉ. सिंह ने प्रेस काॅन्फ्रेंस छोड़ी 
भिण्ड:
मंगलवार को लहार विधायक डॉ. गोविंद सिंह भिंड के सर्किट हाउस में प्रेस काॅन्फ्रेंस लेने आए थे। इसी बीच उन्हें किसी कार्यकर्ता ने कान में बताया कि कुछ लोग काले झंडे लेकर यहां आ रहे हैं। यह सुनते ही श्री सिंह प्रेस काॅन्फ्रेंस छोड़कर चुपचाप निकल गए। उनके रवाना होने के बाद सवर्ण समाज के लोग काले झंडे लेकर वहां पहुंचे। श्री सिंह के गृहनगर लहार में भी सवर्ण समाज ने रैली निकालकर एससी-एसटी एक्ट का विरोध किया। 

मुरैना: सवर्ण समाज ने सर्किट हाउस पर एकत्रित होकर छह सितंबर को होने वाले बंद को लेकर रूपरेखा बनाई। व्यापारियों से आह्वान किया कि आप लोग बंद को समर्थन दें। इसके बाद ग्वालियर में सभा को संबोधित करने जा रहे देवकीनंदन ठाकुर का सर्किट हाउस पर स्वागत किया यहां पर उन्होंने कहा कि देश विरोधी ताकतें एकजुट हो गई हैं। हमें भी इनके खिलाफ एकजुट होकर अहिंसात्मक ढंग से लड़ना है। 

पार्टी छोड़ी 
श्योपुर:यहां पर भाजपा में ही एससी-एसटी एक्ट को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी दिख रही है। यहां पर जिला कोषाध्यक्ष नरेश जिंदल के इस्तीफा देने के बाद भाजपा के तीन और पूर्व पदाधिकारियों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। 


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