जानिए साधारण किसान का बेटा कैसे बना IPS, जन्मदिवस पर समर्पित SP गौरव तिवारी की पूरी कहानी:
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| IPS GAURAV TIWARI |
विनोद एम. नागवंशी:
युवाओं के प्रेरणास्रोत,एक अनूठी कार्यशैली के धनी, बुलंद इरादे,तरुणाई को साकार करने वाल ,जांबाज,मृदुभाषी, संस्कारवान, मेरे ग्रह जिले की शान एवं माँ भारती के प्रिय पुत्र सम्माननीय पुलिस अधीक्षक महोदय छिंदवाड़ा श्री गौरव कुमार तिवारी जी का आज जन्मदिन है। उन्हें जन्मदिवस पर अनन्त बधाई एवं शुभकामनाये, उनके जन्मदिवस पर युवाओं के लिए प्रेरणा स्वरूप आज का यह लेख समर्पित है।
एमपी के छिंदवाड़ा जिले के एसपी गौरव तिवारी काशी के तिवारीपुर गांव के निवासी हैं। वे एक किसान के बेटे है, उनके पास गांव में केवल 7 एकड़ खेती है। उनके पिता अरूण तिवारी खेती करते हैं। मां सविता ग्रहणी हैं। माता पिता से मिली शिक्षा के बल पर ही वे अपने मुकाम तक पहुंचे हैं। लोकसेवा आयोग 2009 की परीक्षा में श्री गौरव जी ने 151वीं रैंक हासिल की थी, वे वर्तमान में मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी है। पुलिस की नौकरी के लिए गौरव भले ही दूसरे स्टेट चले गए हैं, लेकिन उनके माता-पिता आज भी तिवारीपुर में ही हैं। पिता किसानी करते थे।
एमपी के छिंदवाड़ा जिले के एसपी गौरव तिवारी काशी के तिवारीपुर गांव के निवासी हैं। वे एक किसान के बेटे है, उनके पास गांव में केवल 7 एकड़ खेती है। उनके पिता अरूण तिवारी खेती करते हैं। मां सविता ग्रहणी हैं। माता पिता से मिली शिक्षा के बल पर ही वे अपने मुकाम तक पहुंचे हैं। लोकसेवा आयोग 2009 की परीक्षा में श्री गौरव जी ने 151वीं रैंक हासिल की थी, वे वर्तमान में मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी है। पुलिस की नौकरी के लिए गौरव भले ही दूसरे स्टेट चले गए हैं, लेकिन उनके माता-पिता आज भी तिवारीपुर में ही हैं। पिता किसानी करते थे।
◆ स्कॉलरशिप से हुई पढ़ाई:
गौरव जी बेहद गरीब परिवार से थे, उनके पिता किसान थे, जब वे आईआईटी से इंजीनियरिंग कर रहे थे तब उन्हें स्कॉलरशिप मिलती थी। जिसकी वजह से ही उनकी पढ़ाई संभव हो पाई थी। स्कॉलरशिप में 90 फीसदी खर्चा सरकार उठाती थी। केवल मेस का खर्च की उन्हें देना होता था।
◆ IPS बनने करनी पड़ी थी नौकरी:
गौरव जी शुरू से ही आईपीएस अधिकारी बनना चाहते थे, लेकिन सिविल सर्विसेस की पढ़ाई करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। वे दिल्ली में कोचिंग करना चाहते थे पर पर्याप्त पैसे नही होने की वजय से उन्होंने इंजीनिरिंग करने के बाद टाटा कंपनी ज्वाईन कर ली। दो साल तक काम करने के बाद जब पैसे एकत्रित हुए तो वे सिविल सेवा की कोचिंग करने के लिए दिल्ली चले गए। सिविल सेवा का अड्डा कहे जाने वाले मुखर्जी नगर से पढ़े श्री तिवारी जी को 2009 में 151वी रैंक से सफलता हासिल हुई।
◆ साउथ के सुपर स्टार की तरह काम करते हैं गौरव तिवारी: -
श्री तिवारी के काम करने का अंदाज बाकी IPS अधिकारी से एकदम अलग है। वे वर्तमान में मेरे ग्रह जिले छिंदवाड़ा में नियुक्त हैं, उन्हें अक्सर सड़कों पर पैदल, साइकिल चलाते, सामाजिक संगठनों के बीच, समाज के बीच, गली-मोहल्लों में लोगों का दर्द बांटते देखा जा सकता था। लोग उन्हें साउथ के सुपरस्टार नागार्जुन जैसा कहते हैं। क्योंकि जिस तरह नागार्जुन ने फिल्म 'शिवमणि' में लोगों का दर्द बांटने वाले सुपर हीरो की भूमिका निभाई थी, ठीक उसी तरह गौरव भी लोगों के बीच जाकर समाज से अपराध कम करने के लिए काम कर रहे हैं।
◆ एसपी की दीवानगी है लाखों में:
कटनी जिले के एसपी रहे गौरव तिवारी का तबादला सुर्खियों में रहा था, महज छह माह के कार्यकाल में उन्होंने जनता के बीच ऐसी छवि बनाई है कि लोग तबादले के विरोध में सड़क पर उतर आए थे, विरोध यहीं तक सीमित नहीं है, गौरव की दीवानगी लोगों में इस कदर थी कि तबादला निरस्त करने की मांग को लेकर लाखों लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे। यहाँ तक कि तबादला निरस्त न होने पर आत्महत्या तक की चेतावनी दी गई थी।
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◆ IPS गौरव तिवारी पर बन सकती हैं फ़िल्म:
गंगाजल, गंगाजल 2, दबंग जैसी फिल्मों की तर्ज पर गौरव के जीवन पर फिल्म बनाने को लेकर कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर खबर वायरल हुई थी जिसमे बताया गया था कि एसपी गौरव तिवारी पर बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर फिल्म बना रहे है। हालाकि यह पूरी चर्चा केवल सोशल मीडिया तक सीमित रही। किसी जिम्मेदार व्यक्ति ने फिल्म निर्माण किए जाने की पुष्टि नहीं की है। फिल्म के लीड रोल के लिए अजय देवगन के बारे में चर्चा थी।
लेख: विनोद एम. नागवंशी, इंजीनियर एवं युवा लेखक हैं, वे टेक्नोलॉजी, एजुकेशन, ट्रेवल और टूरिज्म पर लेख एवं रचनाये लिखते हैं।


i miss you sir.
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