छात्रों को डिजिटल साक्षर बनाने के लिए झारखंड के कोडरमा जिले के डीसी, आदित्य रंजन (Deputy Commissioner Koderma, Aditya Ranjan) उन्हें कंप्यूटर की ट्रेनिंग दे रहे हैं।
शिक्षा से सपनों को पंख लगते हैं, और इन पंखों से उड़ान भरकर हर सपने को पूरा किया जा सकता है। झारखंड के छात्रों के इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए एक आईएएस अफसर ने अनूठी पहल शुरू की है। छात्रों को डिजिटल साक्षर बनाने के लिए झारखंड के कोडरमा जिले के डीसी, आदित्य रंजन (Deputy Commissioner Koderma, Aditya Ranjan) उन्हें कंप्यूटर की ट्रेनिंग दे रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने जिला प्रशासन की तरफ से 'एक्सीलेंट 200' की शुरुआत की है। इसमें चयनित विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग दी जाएगी। उन्हें यूपीएससी और सिविल सर्विसेज की परिक्षाओं की बारीकियों के बारे में बताया जाएगा।
रिपब्लिक भारत से खास बातचीत में आदित्य रजंन ने इसके बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उनके जहन में यह ख्याल आया। IAS अधिकारी आदित्य रंजन ने बताया कि 'साल 2017 में 14वें वित्त आयोग में कंप्यूटर ऑपरेर्टस की भर्ती निकली थी। उस समय झारखंड के कई लोगों ने इसके लिए आवेदन दिया। परीक्षा हुई लेकिन सिर्फ 8 से 10 प्रतिशत लोगों का ही इसमें चयन हो पाया था। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें कंप्यूटर की बेसिक जानकारी भी नहीं थी।'
आदित्य रंजन ने बताया 'जो लोग उस परीक्षा में फेल हो गए थे, मैंने उन्हें ट्रेनिंग देना शुरू किया।' चाईबासा जिले में तैनाती के दौरान उन्होंने सबसे पहले 2100 लोगों को कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जिसमें से आज करीब 700 लोग कहीं न कहीं नौकरी कर रहे हैं। इसी पहल को उन्होंने कोडरमा में शुरू किया है। उनका कहना है कि डिजिटल साक्षरता छात्रों के भविष्य को संवारने का काम करेगी। आईएएस अधिकारी ने जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम (डीजीएस) शुरू किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर छात्र को कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त हो। इस कार्यक्रम में दो महीने का लंबा पाठ्यक्रम शामिल है जिसमें 32 मॉड्यूल शामिल हैं जो कंप्यूटर के सभी मूल सिद्धांतों को कवर करते हैं। डीजीएस सेंटर्स की जिम्मेदारी ई-डिस्ट्रिक्ट मैंनेजर राजदेव महतो संभालते हैं।
'एक्सीलेंट-200' विशेष कोचिंग में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे छात्र
IAS आदित्य रंजन ने बताया कि कोडरमा जिले में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर एक्सीलेंट-200 नाम से विशेष कोचिंग शुरू की जा रही है। इसके लिए कुल 1400 छात्रों (इंटर और ग्रेजुएट) ने अप्लाई किया था। 800 छात्रों ने एग्जाम दिया जिसमें से पहले बैच (पहले सेंटर) के लिए 200 छात्रों को चुना गया है। कोडरमा के डीसी ने बताया कि 22 अक्टूबर से इन छात्रों की कोचिंग शुरू हो जाएगी। इसमें इन्हें जीएस, गणित, अंग्रेजी, हिंदी और रीजनिंग पढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय मे जिले में 3 और सेंटर खोले जाएंगे।
जानिए IAS आदित्य रंजन के बारे में
आदित्य रंजन की प्राइमरी स्कूलिंग गवर्नमेंट स्कूल से हुई। आदित्य ने लोगों की सेवा करने के लिए सिविल सर्विस को चुना। आज वो पूरी लगन से झारखंड में लोगों की जिंदगी संवार रहे हैं। आदित्य एक कंप्यूटर इंजिनियर रहे हैं। वो एक मल्टी नेशनल कंपनी ओरेकल में कार्यरत थे। आदित्य ने नौकरी से इस्तीफा देकर सिविल सर्विस की तैयारी की। करीब एक साल तक वो खाली बैठे और सिर्फ पढ़ाई पर फोकस किया। कड़ी मेहनत का फल ये मिला कि उन्होंने साल 2014 में 99वा रैंक हासिल किया।
News Source:this article has been taken from https://bharat.republicworld.com/

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