- 😐यूआईडीएआई ने कहा- ऐसा करने से सरकारी योजनाओं के लाभार्थी हो सकते हैं प्रभावित
- 😐एसबीआई ने आधार भुगतान प्रणाली बंद करने की मंशा जताई थी
- 😐यूआईडीएआई का कहना है कि ऐसा करना आधार एक्ट की धारा 7 का उल्लंघन होगा
नई दिल्ली. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने बैंकों से कहा है कि वो आधार बेस्ड भुगतान प्रणाली (एईपीएस) बंद नहीं करें। क्योंकि, ऐसा करने से लोगों को कल्याणकारी योजनाओं के फायदे मिलने में परेशानी आएगी। इस बारे में यूआईडीएआई ने शुक्रवार को सर्कुलर जारी किया।
आधार की संवैधानिक वैधता बरकरार: यूआईडीएआई
- 👉यूआईडीएआई ने एसबीआई के 19 नवंबर के उस पत्र पर संज्ञान लिया जो नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) को भेजा गया था। एसबीआई ने लिखा था कि वह आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम को बंद करना चाहता है। क्योंकि, इसे जारी रखने से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हो सकता है।
- 👉यूआईडीएआई का कहना है कि मामले को अच्छी तरह समझ लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी है। इसलिए एईपीएस, भीम ऐप और आधार पे के जरिए भुगतान की प्रक्रिया रोकना आधार एक्ट की धारा 7 के विरुद्ध होगा। ऐसा होने से कल्याणकारी योजनाओं के पात्र व्यक्ति फायदों से वंचित रह सकते हैं। बैंकों को अनिवार्य रूप से इस तरह की सुविधाएं जारी रखनी चाहिए।
- 👉सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर में फैसला दिया था कि बैंक खाता खोलने, स्कूल में एडमिशन और नई सिम लेने के लिए आधार जरूरी नहीं होगा। लेकिन, कल्याणकारी योजनाओं, आयकर रिटर्न दाखिल करने और पैन नंबर के लिए आवेदन करने में आधार की अनिवार्यता को बरकरार रखा था।

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