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Monday, October 18, 2021

आर्मी को मिले 'त्रिशूल' समेत ये 5 घातक हथियार, चीनी दुश्मन को करंट से चखाएंगे मजा

Electricity Trident: चीन की सेना के जवान डंडा, भाला, लाठी और रॉड की मदद से युद्ध करने में एक्सपर्ट हैं. खबर है कि ऐसे ही सैनिकों के भरोसे अब चीन भारत से युद्ध करने की तैयारी कर रहा है.


नई दिल्ली: जब बात हथियारों की आती है तो हमारी सेनाएं पूरी तरह से घातक हथियारों से लैस हैं और पिछले कुछ सालों में मेड इन इंडिया (Made In India) हथियारों को बड़ी संख्या में भारतीय सैनिकों (Indian Soldiers) की मदद के लिए शामिल किया गया है. उत्तर प्रदेश की एक कंपनी ने कुछ ऐसे हथियार बनाए हैं, जो पलभर में दुश्मन को निष्क्रिय करके हमारे सैनिकों को अपर हैंड दे सकते हैं. पिछले साल चीन के साथ गलवान वैली में हुई झड़प जैसी स्थितियों के लिए ये हथियार बेहद खास हैं.

गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने आधुनिक नॉन लीथल हथियारों के साथ भारतीय सैनिकों पर वार किया था. चीन के सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर तार वाली लाठी और टेसर से हमला किया था. जिसके बाद भारतीय सुरक्षाबलों ने भी चीन को मजा चखाने के लिए गैर-घातक हथियार विकसित करने का फैसला किया, जिन्हें नोएडा की एक स्टार्ट-अप फर्म ने तैयार किया है. 

पहला हथियार है त्रिशूल

जान लें कि ये त्रिशूल एक नॉन लीथल हथियार है. इसमें बिजली दौड़ती है. साथ ही साथ इसको गाड़ियों को पंचर करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसे ऑपरेट करने के लिए इसमें लगा बस एक बटन प्रेस करना होता है. फिर त्रिशूल में करंट दौड़ने लगता है.

दूसरा हथियार है वज्र

बता दें कि ये वज्र मेटल की लाठी जैसा है. इसमें भी बिजली दौड़ती है. इसमें कांटेदार स्पाइक्स हैं. अगर कोई दुश्मन हमारी तरफ बढ़ रहा है तो इससे दुश्मन को टच कराकर उसे करंट लगाया जा सकता है. अगर कोई बुलेट प्रूफ गाड़ी हमारी तरफ बढ़ रही है तो उसे भी पंचर किया जा सकता है.

तीसरा हथियार है सैपर पंच

सैपर पंच भी एक नॉन लीथल हथियार है. इसे भी चीनी दुश्मनों के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है. इसमें भी बिजली दौड़ती है. ये हैंड टू हैंड कॉम्बैट में काफी मददगार साबित होगा. सैपर पंच से दुश्मन को करंट लगा सकते हैं.

चौथा हथियार है भद्र

भद्र एक खास तरह की ढाल है. ये जवानों को पत्थरों के हमले से बचाएगा. भद्र के एक सेक्शन में बिजली दौड़ती है. इसकी मदद से दुश्मनों को मजा चखाया जा सकता है. इसमें एक चमकीली लाइट निकलती है जो दुश्मन टेंपरेरी तौर पर अंधा कर सकती है.

पांचवा हथियार है दंड

दंड बिजली से चलने वाला एक डंडा है. इसे इस्तेमाल करने के लिए इसमें एक सेफ्टी स्विच है. अगर कोई दुश्मन हमसे ये छीन भी लेता है तो हमारे खिलाफ इस्तेमाल नहीं कर पाएगा.

चीनी सेना के जवान लाठी-भाला, डंडा और रॉड के जरिए युद्ध करने में माहिर होते हैं. सूत्रों के मुताबिक, ऐसे ही सैनिकों के भरोसे चीन अब भारत से युद्ध करने की तैयारी कर रहा है. तिब्बत के पठारी इलाके में रहने वाले ये लड़ाके चीनी सेना को नुकीली चीज या लाठी, डंडों से लड़ने की ट्रेनिंग भी दे रहे हैं. ऐसे में भारतीय सुरक्षाबल भी चीनी सेना को जोर का झटका धीरे से देने के लिए तैयार है.

News Source:this article has been taken from https://zeenews.india.com/ 

 

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