- 👉2022 में जी-20 सम्मेलन की मेजबानी पहले इटली के पास थी, लेकिन उसने भारत को अनुमति दे दी
- 👉जी-20 देशों के पास दुनिया का 80% व्यापार और दो तिहाई जमीन
ब्यूनस आयर्स. भारत 2022 में पहली बार जी-20 समिट की मेजबानी करेगा। ब्यूनस आयर्स में दो दिवसीय सम्मेलन के समापन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात की घोषणा की। इससे पहले इटली में 2022 का सम्मेलन होना था, लेकिन उसने भारत को समिट बुलाने की जिम्मेदारी दे दी।
इटली का शुक्रिया जताते हुए मोदी ने कहा, "2022 में भारत अपनी आजादी के 75 साल पूरा कर रहा है। यह हमारे लिए बहुत खास साल है। हम जी-20 के नेताओं का स्वागत करना चाहते हैं। आप भारत आएं, दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था के गौरवशाली इतिहास और विविधता को देखें और भारतीयों को सत्कार को महसूस करें।''
दुनिया की 20 समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं का समूह है जी-20
जी-20 में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय यूनियन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूके और अमेरिका शामिल हैं। जी-20 देशों में 90% सकल वैश्विक उत्पाद, दुनिया का 80% व्यापार, दो तिहाई आबादी और करीब दुनिया की अाधी जमीन आती है। समूह में स्पेन परमानेंट गेस्ट के रूप में शामिल है। पहली समिट नवंबर 2008 में अमेरिका में बुलाई गई थी।
जी-20 में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय यूनियन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूके और अमेरिका शामिल हैं। जी-20 देशों में 90% सकल वैश्विक उत्पाद, दुनिया का 80% व्यापार, दो तिहाई आबादी और करीब दुनिया की अाधी जमीन आती है। समूह में स्पेन परमानेंट गेस्ट के रूप में शामिल है। पहली समिट नवंबर 2008 में अमेरिका में बुलाई गई थी।


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