साल का दूसरा ब्लड मून: ग्रहणकाल में कई साधक और पंडित करेंगे मंत्रों का जाप
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भोपाल: खग्रास चंद्रग्रहण शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा पर होगा। यह 3 घंटे 55 मिनट का रहेगा। पंडितों की सलाह पर लोगों ने ग्रहण काल में बरती जाने वाली सावधानी को लेकर तैयारियां कर ली हैं। इस दौरान घरों और मंदिरों में पूजा अर्चना नहीं की जाएगी। इसी तरह ग्रहण अवधि में लोग भोजन का सेवन भी नहीं करेंगे। यद्यपि वृद्ध, बीमार और बच्चों के लिए इससे छूट दी गई है। खगोलविदों ने इस बार भी इसे साल के दूसरे ब्लड मून की संज्ञा दी है। इस बार यह ग्रहण रात 11 बजकर 54 बजे शुरू होकर रात 3.49 बजे समाप्त होगा। करीब चार घंटे चलने वाले इस ग्रहण का सूतक दोपहर 2.54 बजे प्रारंभ हो गया है। खगोलशास्त्रियों ने इसे साल के दूसरे ब्लड मून की संज्ञा दी है। सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद हो गए हैं, जो अगले दिन खुलेंगे और पवित्र जल से शुद्धि के बाद ही पूजा-पाठ शुरू होगी।
इतनी लंबी अवधि वाला खग्रास चंद्रग्रहण 1914 में हुआ था : ज्योतिषी पं. रामजीवन दुबे ने बताया कि चंद्रग्रहण पूरे भारत समेत म्यामार, चीन, ताईवान, अमेरिका, मेक्सिमो, सऊदी अरब आदि कई देशों में दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व इतनी लंबी अवधि वाला खग्रास चंद्रग्रहण 1914 में हुआ था। इसके बाद 26 जुलाई 1953 को खग्रास चंद्रग्रहण था। वर्ष 2000 में चंद्रग्रहण गुरु पूर्णिमा के दिन ही था। इसके बाद कई बार चंद्रग्रहण हुए पर वे सभी इतनी अधिक अवधि के नहीं थे। पं. प्रहलाद पंड्या ने बताया कि यह इस सदी का सबसे बड़ा ग्रहण है। यह ग्रहण आषाढ़ शुक्ल उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और मकर राशि में होगा। चंद्रमा के साथ केतु भी इसी राशि में रहेंगे। पंडितों ने बताया कि इसके पूर्व 7 अगस्त 2017 में भी कम अवधि का खंडग्रास चंद्रग्रहण हुआ था। आगे वर्ष 2019 में दो सूर्य व एक चंद्रग्रहण होगा।
ग्रहणकाल में क्या करें :सूतक लगने से ग्रहण के समाप्त होने तक पूजा घर बंद रखें, मूर्तियों को स्पर्श न करें, गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय घर से बाहर न निकलें, सूतक व ग्रहण अवधि में भोजन न करें। वृद्ध, बच्चे व रोगियों पर यह नियम लागू नहीं हैं, पर वे भी ग्रहण से तीन घंटे पहले खाना बंद कर दें। ग्रहण समाप्त होने पर गंगाजल से घर व मंदिरों की शुद्धि कर स्नान करें। ग्रहणकाल में मंत्र जाप करते रहें।
चंद्रग्रहण का राशियों पर असर-मेष-लाभ, वृष-चिंता, मिथुन- क्षति, कर्क-कष्ट, सिंह-लाभ, कन्या-भय, तुला-हानि, वृश्चिक-सुख, धनु-तनाव, मकर-मानसिक कष्ट, कुंभ-मिश्रित, मीन-लाभ।
शुक्रवार को खग्रास चंद्रग्रहण का समय
रात 11.54 : ग्रहण का स्पर्श
रात 1.55 : ग्रहण का मध्यकाल
रात 3.49 : ग्रहण समाप्त
News Source::This article has been taken from https://bhaskar.com

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