नई दिल्ली: हर नया साल कईं बदलाव लेकर आता है। स्थानीय प्रशासन से लेकर केन्द्र सरकार तक हर साल 1 जनवरी को कुछ नए नियम लागू करती रही है। कुछ अच्छा होने और बेहतर करने की उम्मीद में ये बदलाव किए जाते रहे हैं। कुछ ऐसे ही बदलाव 1 जनवरी 2018 से होने जा रहे हैं। हम यहां आपके आर्थिक लेनदेन से जुड़े कुछ ऐसे ही बदलाव सामने ला रहे हैं जो 1 जनवरी 2018 से लागू हो रहे हैं।
1 जनवरी 2018 से डेबिट कार्ड से 2000 रुपए तक की खरीदारी पर शुल्क नहीं लगेगा। भीम ऐप, यूपीआई या आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए भी 2,000 रुपए तक के पेमेंट पर कोई फीस नहीं लगेगी। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकरा ने यह फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने इस खरीद पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट में छूट दे दी है। अब मर्चेंट डिस्काउंट रेट का भुगतान सरकार बैंकों को करेगी। अब तक दुकानदार मर्चेंट डिस्काउंट रेट के रूप में लगने वाली फीस बैंकों को देते हैं।
जिन बैंको का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में विलय हो चुका है, उन बैंकों के चेक 1 जनवरी से मान्य नहीं होंगे। इनकी पुरानी चेक बुक और आईएफएससी कोड 31 दिसंबर के बाद अमान्य हो जाएंगे। इन बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर और जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ रायपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और भारतीय महिला बैंक शामिल हैं। इन बैंकों के खाताधारकों को SBI में नई चेक बुक के लिए आवेदन करना होगा।
देश भर में बिकने वाले सोने के गहनों पर हॉलमार्क जरूरी होगा। इसके साथ ही कैरेट की भी जानकारी देनी होगी। इसके बाद सिर्फ 14, 18 और 22 कैरेट के आभूषण ही मिलेंगे। यह नियम भी 1 जनवरी से लागू होंगे। इससे पहले तक हॉल मार्किंग वाली ज्वैलरी 10 अलग-अलग ग्रेड में बेची जा रही थी।
1 जनवरी किसानों के लिए भी एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी। उर्वरक पर सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी अब सीधे किसानों के खातों में जमा की जाएगी। एक जनवरी से इस योजना को देश भर में लागू किया जाएगा।
सरकार ने एनएससी और पीपीएफ पर कमाई घटा दी है। इन पर जनवरी से मार्च 2018 की तिमाही में ब्याज में 0.2 फीसदी की कमी होगी। इस कटौती से सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और बचत खाते प्रभावित होंगे।
News Source:यह आर्टिकल https://www.bhaskarhindi.com से लिया गया है।
1 जनवरी 2018 से डेबिट कार्ड से 2000 रुपए तक की खरीदारी पर शुल्क नहीं लगेगा। भीम ऐप, यूपीआई या आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए भी 2,000 रुपए तक के पेमेंट पर कोई फीस नहीं लगेगी। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकरा ने यह फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने इस खरीद पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट में छूट दे दी है। अब मर्चेंट डिस्काउंट रेट का भुगतान सरकार बैंकों को करेगी। अब तक दुकानदार मर्चेंट डिस्काउंट रेट के रूप में लगने वाली फीस बैंकों को देते हैं।
जिन बैंको का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में विलय हो चुका है, उन बैंकों के चेक 1 जनवरी से मान्य नहीं होंगे। इनकी पुरानी चेक बुक और आईएफएससी कोड 31 दिसंबर के बाद अमान्य हो जाएंगे। इन बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर और जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ रायपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और भारतीय महिला बैंक शामिल हैं। इन बैंकों के खाताधारकों को SBI में नई चेक बुक के लिए आवेदन करना होगा।
देश भर में बिकने वाले सोने के गहनों पर हॉलमार्क जरूरी होगा। इसके साथ ही कैरेट की भी जानकारी देनी होगी। इसके बाद सिर्फ 14, 18 और 22 कैरेट के आभूषण ही मिलेंगे। यह नियम भी 1 जनवरी से लागू होंगे। इससे पहले तक हॉल मार्किंग वाली ज्वैलरी 10 अलग-अलग ग्रेड में बेची जा रही थी।
1 जनवरी किसानों के लिए भी एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी। उर्वरक पर सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी अब सीधे किसानों के खातों में जमा की जाएगी। एक जनवरी से इस योजना को देश भर में लागू किया जाएगा।
सरकार ने एनएससी और पीपीएफ पर कमाई घटा दी है। इन पर जनवरी से मार्च 2018 की तिमाही में ब्याज में 0.2 फीसदी की कमी होगी। इस कटौती से सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और बचत खाते प्रभावित होंगे।
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